
दिल्ली के एक दवा कारोबारी ने अपने तीन बचत खातों में 2.47 करोड़ रुपये नकद जमा किए थे, जिसके स्रोत पर आयकर विभाग ने सवाल उठाए थे।
कारोबारी ने फार्मेसी की बिक्री के दस्तावेज, ऑडिटेड बैलेंस शीट और बैंक स्टेटमेंट पेश किए, जिन्हें आयकर अधिकारियों ने स्वीकार नहीं किया था।
दिल्ली आईटीएटी ने दस्तावेजों में कोई कमी न मिलने पर कारोबारी के पक्ष में फैसला सुनाते हुए राहत दे दी।