नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार भारत में 15 से 29 वर्ष की आयु के लगभग 8.7 करोड़ युवा NEET श्रेणी में हैं, जो न पढ़ाई कर रहे हैं और न ही नौकरी या ट्रेनिंग में हैं।
वर्ष 2021 के राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण आंकड़ों पर आधारित इस रिपोर्ट में बताया गया है कि केवल 8.25 प्रतिशत स्नातक ही अपनी शैक्षणिक योग्यता के अनुरूप नौकरी हासिल कर पा रहे हैं।
विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को पाने के लिए आयोग ने युवाओं को सब्सिडी वाली ट्रेनिंग देने और 2014-15 से अब तक प्रशिक्षित 7.67 करोड़ लोगों की संख्या को और बढ़ाने पर जोर दिया है।