
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को एक अहम फैसला सुनाते हुए वैवाहिक विवादों में बच्चे का पैटरनिटी टेस्ट कराने की अनुमति दे दी है।
यह फैसला एक पति की तलाक याचिका पर आया है, जिसमें उसने पत्नी के अनैतिक चरित्र का दावा करते हुए बच्चे का बायोलॉजिकल पिता होने से इनकार किया था।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि शादी के दौरान पैदा हुए बच्चे की वैधता के बावजूद, बेवफाई साबित करने के लिए डीएनए टेस्ट एक महत्वपूर्ण साक्ष्य हो सकता है।