
वाशिंगटन यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन की 1.5 लाख लोगों पर आधारित स्टडी में पाया गया कि युवाओं की बायोलॉजिकल उम्र उनकी वास्तविक उम्र से तेजी से बढ़ रही है।
1990 के बाद जन्मे लोगों में कोलोरेक्टल कैंसर का खतरा 1960 के दशक में जन्मे लोगों की तुलना में कई गुना अधिक है, जो खराब लाइफस्टाइल से जुड़ा है।
डॉक्टरों के अनुसार मोटापा, अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड, तनाव और नींद की कमी शरीर की उम्र बढ़ने की रफ्तार को तेज कर रहे हैं, जिससे कैंसर का रिस्क बढ़ रहा है।