
लगातार खांसी और सांस फूलने की समस्या से जूझ रहे एक मरीज की जांच में एओर्टिक और माइट्रल दोनों हार्ट वाल्व के गंभीर रूप से संकरे (स्टेनोसिस) होने का पता चला है।
डॉक्टरों ने मरीज की स्थिति को देखते हुए डबल-वाल्व रिप्लेसमेंट सर्जरी की, जिसमें मैकेनिकल के बजाय बायोलॉजिकल वाल्व का उपयोग किया गया ताकि ब्लड थिनर दवाओं की निर्भरता कम रहे।
विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में हार्ट वाल्व संकरे होने का एक प्रमुख कारण बचपन में गले के संक्रमण का सही इलाज न होना है, जिसे रूमेटिक हार्ट डिजीज कहा जाता है।