
वित्त वर्ष 2025-26 की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में बिजली चोरी और मीटरों से छेड़छाड़ के कारण वितरण कंपनियों को लगभग 383 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
BSES और टाटा पावर के आंकड़ों के मुताबिक, यह नुकसान कुल बिजली का लगभग 6% है जिसमें BSES राजधानी के इलाकों में 211 करोड़ का नुकसान शामिल है।
हालांकि 2002 के मुकाबले नुकसान में भारी कमी आई है, लेकिन बिजली चोरी रोकने के लिए कंपनियां सरकार और पुलिस के साथ मिलकर कार्रवाई तेज कर रही हैं।