
16 सितंबर 2026 को ब्रेंट क्रूड 108.88 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था, जबकि अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड 105.01 डॉलर पर पहुंच गया।
ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को मिलिट्री कंट्रोल में लेने और हूती विद्रोहियों के हमलों से वैश्विक तेल सप्लाई हिल गई है, जिससे सऊदी अरब का उत्पादन अगस्त में 62.38 लाख बैरल पर आ गया।
आईएमएफ का कहना है कि यदि तेल की कीमत औसतन 100 डॉलर प्रति बैरल रहती है, तो वैश्विक विकास दर 2.5% पर आ सकती है और महंगाई 5.4% तक पहुंच सकती है।