
नोटबंदी के एक दशक बाद भारत में ऑनलाइन पेमेंट का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है और FY17 से लेकर FY26 के बीच UPI लेनदेन में करीब 13,600 गुना वृद्धि दर्ज हुई है।
फिजिकल कैश की मांग पूरी तरह खत्म नहीं हुई है, और आपात स्थिति तथा बचत के लिए लोगों के पास नकदी की मात्रा भी अभी बनी हुई है।
UPI से जुड़े बैंकों की संख्या अप्रैल 2016 के 21 से बढ़कर सितंबर 2026 तक 756 हो गई है।