
नासा के अध्ययन के अनुसार, पृथ्वी के कुछ सूक्ष्मजीव जैसे 'एस्परजिलस नाइजर' फफूंद चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के क्रेटरों में हफ्तों या महीनों तक जीवित रह सकते हैं।
शोध में पाया गया कि चंद्रमा का विकिरण और 127 डिग्री सेल्सियस तक का तापमान बैक्टीरिया के लिए चुनौतीपूर्ण है, लेकिन फफूंद वहां की परिस्थितियों में अधिक सहनशील है।
यह खोज भविष्य के मानव मिशनों के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि इससे पृथ्वी के सूक्ष्मजीवों के चंद्रमा तक पहुंचने और वहां के संसाधनों को प्रभावित करने का खतरा है।