अमेरिकी व्यापार सलाहकार पीटर नवारो की रिपोर्ट के अनुसार, भारत सहित 40 से अधिक देश चीन के लिए 'शैडो ट्रांस-शिपमेंट नेटवर्क' के रूप में काम कर रहे हैं।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस अवैध नेटवर्क के जरिए सालाना 40 अरब डॉलर से 303 अरब डॉलर तक का चीनी सामान अमेरिका में खपाया जा रहा है।
अमेरिका अब इस टैरिफ चोरी को रोकने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित 'डिटेक्टिव बॉर्डर' सिस्टम का उपयोग करेगा ताकि संदिग्ध शिपमेंट की पहचान की जा सके।