
विशेषज्ञों के अनुसार, 50 वर्ष की आयु के बाद ब्लड प्रेशर और शुगर को नियंत्रित रखकर डिमेंशिया के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
याददाश्त खोने की समस्या से बचने के लिए स्वस्थ जीवनशैली और नियमित स्वास्थ्य जांच अत्यंत आवश्यक है, जो मस्तिष्क को स्वस्थ रखती है।
डॉक्टरों ने सलाह दी है कि शुरुआती संकेतों को नजरअंदाज न करें और समय रहते जीवनशैली में बदलाव करें ताकि भविष्य में गंभीर समस्याओं से बचा जा सके।