
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने नियमों में बदलाव का एक ड्राफ्ट प्रस्ताव जारी किया है जिसके तहत गैर-दूध उत्पादों को 'पनीर' नाम नहीं दिया जा सकेगा।
बाजार में मिलने वाले उन उत्पादों को जो देखने में पनीर जैसे लगते हैं लेकिन नॉन-मिल्क इंग्रेडिएंट्स से बनते हैं, अब 'Analogue in Dairy Context' के तहत अलग नाम से बेचना होगा।
FSSAI ने इस ड्राफ्ट नोटिफिकेशन पर सुझाव मांगे हैं, और अंतिम नियम लागू होने पर ग्राहकों को असली और नकली पनीर में अंतर समझने में आसानी होगी।