ब्रिटेन के सर्विलांस ड्रोन में चीनी पार्ट्स मिलने से हड़कंप मच गया है, जो बीजिंग को लाइव फीड और खुफिया डेटा भेज रहे थे।
यह घटना नाटो के सुरक्षा घेरे में बड़ी सेंध मानी जा रही है, जहां ब्रिटिश नौसेना के ड्रोन कैमरे का इस्तेमाल जासूसी के लिए किया जा रहा था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है कि कैसे संवेदनशील सैन्य डेटा ड्रैगन तक पहुंच रहा था।