पाकिस्तान के नूर खान एयरबेस पर 60 घंटों तक तुर्किये और चीन के सैन्य विमानों की संदिग्ध गतिविधियां देखी गई हैं।
कराची से J-16 जेट विमानों की आवाजाही और तुर्किये से ड्रोन की आपूर्ति ने क्षेत्रीय सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह रक्षा सहयोग भारत के लिए नई रणनीतिक चुनौती पेश कर सकता है, जिस पर सुरक्षा एजेंसियां नजर रख रही हैं।