
दिल्ली सरकार अपनी नई आबकारी नीति के तहत राजस्व बढ़ाने के लिए आबकारी शुल्क और रिटेल मार्जिन बढ़ाने की योजना बना रही है जिससे दीवाली से पहले शराब महंगी हो सकती है.
होटल, क्लब और रेस्टोरेंट कैटेगरी के शराब लाइसेंस फीस में 10% तक की बढ़ोतरी का फैसला भी सुनाया गया है जिसका बोझ अंततः ग्राहकों पर पड़ेगा.
चालू वित्त वर्ष के लिए सरकार ने शराब से लगभग 7,200 करोड़ रुपये का टैक्स जुटाने का लक्ष्य रखा है, जबकि पिछले साल दिवाली के 15 दिनों में 600 करोड़ से ज्यादा का रेवेन्यू मिला था.