
दिल्ली में 21 अक्टूबर से ग्रैप-1 के प्रतिबंध लागू हैं, लेकिन आईटीओ से मंडी हाउस तक सड़कों पर भारी धूल और बालू बिखरी हुई है.
सीपीसीबी के अनुसार शुक्रवार को दिल्ली का औसत AQI 230 दर्ज किया गया, जबकि सीएजीआर और CSE की रिपोर्ट के मुताबिक प्रदूषण में गाड़ियों के काले धुएं का 27% योगदान है.
एबीपी न्यूज की पड़ताल में दिल्ली जल बोर्ड और एनडीएमसी के निर्माण स्थलों पर बिना किसी धूल नियंत्रण के खुलेआम नियम तोड़ते हुए पाए गए.