
अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US-FED) ने महंगाई पर लगाम कसने के लिए ब्याज दरों में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी की है, जिससे दरें 3.75% से 4.00% हो गई हैं।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की दरें घटाने की मांग के विपरीत FOMC ने सर्वसम्मति से यह फैसला लिया, जिसकी व्हाइट हाउस ने सार्वजनिक रूप से आलोचना की है।
ब्याज दरें बढ़ने से डॉलर मजबूत होने की संभावना है, जिसका असर भारतीय शेयर बाजार, विदेशी निवेश, रुपये और कच्चे तेल के आयात पर पड़ सकता है।