
सुप्रीम कोर्ट ने 20 से 25 जुलाई के बीच हुए छात्र आंदोलन से जुड़ी सभी FIR को रद्द करने का आदेश दिया है, जिसके बाद 5 सितंबर के प्रस्तावित मार्च को वापस ले लिया गया है।
सीजेआई सूर्यकांत की बेंच ने आर्टिकल-142 का उपयोग करते हुए केंद्र को 3 महीने में आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को मुआवजा देने के लिए एक नीति बनाने का निर्देश दिया है।
दिल्ली पुलिस को केवल एक FIR में जांच जारी रखने की अनुमति दी गई है, जो 2,873 लोगों के खिलाफ हत्या, रेप और अपहरण जैसे गंभीर आपराधिक मामलों से संबंधित है।