
अक्टूबर के शुरुआती 15 दिनों में भारत में डीजल की खपत 36.5 लाख मीट्रिक टन (लगभग 27 मिलियन बैरल) तक पहुंच गई है, जो पिछले महीने से 26.4% अधिक है।
त्योहारी सीजन, लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्टेशन में तेजी, बिजली की बढ़ी मांग और खेती के सीजन के कारण डीजल की मांग एकाएक बढ़ी है।
सरकारी तेल कंपनियां बाजार भाव से कम दर पर ईंधन बेच रही हैं, जिससे उन्हें प्रति लीटर डीजल पर करीब 20 रुपये का नुकसान हो रहा है।