सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की ने 7 अगस्त को 'मक्का डिफेंस पैक्ट' पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत एक देश पर हमला सभी पर हमला माना जाएगा।
इस गठबंधन में सऊदी की आर्थिक ताकत, तुर्की की ड्रोन टेक्नोलॉजी और पाकिस्तान की परमाणु शक्ति व विशाल सेना का संयोजन शामिल है, जिसे विशेषज्ञ सुन्नी देशों का गठबंधन मान रहे हैं।
इजरायली विशेषज्ञों के अनुसार, इस पैक्ट से इजरायल को ईरान के खिलाफ एक रणनीतिक संतुलन बनाने में मदद मिल सकती है, क्योंकि पाकिस्तान और तुर्की की सैन्य ताकत ईरान के लिए चुनौती है।