बलूच विद्रोही समूहों ने दावा किया है कि उन्होंने बलूचिस्तान के लगभग 85 प्रतिशत हिस्से पर नियंत्रण कर लिया है और पाकिस्तानी सेना के कई बंकरों को नष्ट कर दिया है।
बीएलए ने क्वेटा-ताफ्तान हाइवे की आर्थिक नाकेबंदी कर दी है, जिससे चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) की परियोजनाओं और खनिज संसाधनों के परिवहन पर गंभीर संकट पैदा हो गया है।
विद्रोहियों के हमलों में 35 से अधिक सुरक्षाकर्मी मारे गए हैं, जिससे ग्वादर और केच जैसे 12 जिलों में पाकिस्तानी सरकार की पकड़ कमजोर हो गई है।