एयर इंडिया ने वित्तीय वर्ष 2026 में 22,238 करोड़ रुपये का भारी नुकसान दर्ज किया है और टाटा संस व सिंगापुर एयरलाइंस से 1.5 अरब डॉलर की फंडिंग मांगी है।
टाटा ग्रुप के स्वामित्व में आने के बाद से एयरलाइन में नया इक्विटी निवेश रुका हुआ था, जिससे कंपनी का कुल निवेश 22,618 करोड़ रुपये पर स्थिर बना हुआ है।
चेयरमैन एन चंद्रशेखरन के अनुसार, एयरलाइन को पूरी तरह पटरी पर लाने में एक दशक का समय लग सकता है, जिसके लिए फ्लीट विस्तार और सिस्टम में बड़े बदलाव जरूरी हैं।