
वर्ष 2027 में होने वाली आगामी जनगणना में भिखारियों और आवारा लोगों का डेटा अलग से दर्ज नहीं किया जाएगा क्योंकि इसे प्रश्नावली से हटा दिया गया है।
सरकार ने जनगणना की प्रश्नावली में गैर-आर्थिक गतिविधियों की सूची में बदलाव करते हुए भिखारी और आवारा श्रेणी को पूरी तरह से बाहर कर दिया है।
यह निर्णय पिछली जनगणनाओं की प्रक्रिया से अलग है, जहां इन श्रेणियों को विशेष रूप से ट्रैक किया जाता था, लेकिन अब नई प्रक्रिया के तहत इन्हें शामिल नहीं किया जाएगा।