शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों के लिए गणित और कोडिंग दोनों का अपना महत्व है, लेकिन गणित की नींव पहले मजबूत होनी चाहिए।
कोडिंग तार्किक सोच विकसित करती है, जबकि गणित समस्या समाधान की क्षमता को बढ़ाता है, जो भविष्य के करियर के लिए आवश्यक है।
अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे बच्चों की रुचि के अनुसार दोनों का संतुलन बनाएं ताकि उनका सर्वांगीण विकास हो सके।