इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश पुलिस के एनकाउंटर पर सवाल उठाते हुए सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं, क्योंकि संदिग्धों को लगी सभी गोलियां घुटने के नीचे पाई गईं।
कोर्ट ने 15 मीटर की दूरी से सटीक निशानेबाजी और एक जीप में 13 लोगों के बैठने जैसी पुलिस की कहानी पर संदेह जताया है, जिसमें 23 पुलिसकर्मियों में से किसी को खरोंच तक नहीं आई।
न्यायालय ने अब SHO की भूमिका की जांच करने और पुलिस की निशानेबाजी का परीक्षण करने का निर्देश दिया है, जो राज्य में पुलिस मुठभेड़ों की पारदर्शिता पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।