
उत्तराखंड सरकार ने सरकारी मेडिकल कॉलेजों से पोस्ट ग्रेजुएशन करने वाले डॉक्टरों के लिए राज्य के सरकारी अस्पतालों में 2 साल तक सेवा देना अनिवार्य करने का प्रस्ताव तैयार किया है।
चिकित्सा शिक्षा निदेशालय के इस प्रस्ताव के तहत पीजी में एडमिशन के समय ही छात्रों के साथ 2 साल का बॉन्ड साइन किया जाएगा और सालाना 60 हजार रुपये फीस की व्यवस्था होगी।
यह कदम सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में विशेषज्ञ डॉक्टरों के लगभग 50 प्रतिशत पद खाली होने की समस्या को दूर करने के लिए उठाया गया है।