भारत द्वारा विदेशी चंदा विनियमन अधिनियम (FCRA) में किए गए संशोधनों पर अमेरिका के एक सांसद ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
अमेरिकी सांसद ने इस बदलाव को ईसाइयों पर हमला करार दिया है, जिससे भारत और अमेरिका के द्विपक्षीय संबंधों पर असर पड़ने की आशंका जताई गई है।
भारत सरकार ने इस कानून को अपनी आंतरिक सुरक्षा और विदेशी फंडिंग की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एक आवश्यक कदम बताया है।