
नेचर पत्रिका की रिसर्च के अनुसार, गंभीर कोविड संक्रमण के बाद शरीर में सालों से सुप्त पड़े वायरस जैसे एपस्टीन-बार फिर से सक्रिय हो रहे हैं, जो फेफड़ों को कमजोर बना रहे हैं।
वैज्ञानिकों का दावा है कि कोविड के कारण हुई आंतरिक सूजन इन वायरसों के लिए अलार्म का काम करती है, जिससे भविष्य में सामान्य फ्लू भी घातक साबित हो सकता है।
विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि गंभीर कोविड झेल चुके लोग बदलते मौसम में इन्फ्लूएंजा वैक्सीन लगवाएं और फेफड़ों की मजबूती के लिए नियमित प्राणायाम करें।