संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क ने 7 सितंबर को जिनेवा में कहा कि भारत में हालिया छात्र आंदोलन का प्रबंधन बातचीत के जरिए करना एक रचनात्मक मॉडल है।
तुर्क ने पाकिस्तान में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ घातक बल प्रयोग और चीन में मानवाधिकारों की स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त की है।
उन्होंने ईरान में फांसी की सजाओं में वृद्धि और रूस, अजरबैजान व ट्यूनीशिया जैसे देशों में मीडिया की आजादी पर बढ़ती पाबंदियों की भी कड़ी आलोचना की।