
उत्तर प्रदेश के रसड़ा से बसपा विधायक उमाशंकर सिंह का निधन हो गया है, जिससे विधानसभा में बसपा की मौजूदगी समाप्त हो गई है और सीट खाली हो गई है।
जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 151 A के तहत उपचुनाव अनिवार्य होता है, लेकिन विधानसभा का कार्यकाल मई 2027 में समाप्त होने के कारण चुनाव आयोग उपचुनाव न कराने का निर्णय ले सकता है।
उमाशंकर सिंह 2012, 2017 और 2022 में लगातार तीन बार विधायक चुने गए थे और वे पार्टी के एकमात्र विजयी उम्मीदवार थे।