
भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के करीब 3,897 ग्राहकों का निजी डेटा डार्क वेब पर लीक होने का मामला सामने आया है।
बैंक का कहना है कि केवल नाम और मोबाइल नंबर जैसी जानकारी से किसी के लिए क्रेडिट कार्ड बनवाना आसान नहीं है।
धोखाधड़ी से बचने के लिए ओटीपी, पिन या नेटबैंकिंग पासवर्ड साझा न करें और संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें।