
नागरिक उड्डयन मंत्रालय और डिजी यात्रा फाउंडेशन अब डोमेस्टिक उड़ानों के बाद अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए भी ई-गेट तकनीक का विस्तार कर रहे हैं।
फेशियल रिकग्निशन तकनीक पर आधारित इस व्यवस्था के तहत यात्री एयरपोर्ट पर कैमरे के सामने देखकर सेकंडों में बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन पूरा कर सकेंगे।
यात्रियों का एन्क्रिप्टेड डेटा यात्रा पूरी होने के 24 घंटे के भीतर सिस्टम से अपने आप डिलीट हो जाएगा जिससे पूरी सुरक्षा सुनिश्चित होगी।