प्रशांत महासागर में स्थित 'रुनिट डोम' में दबे 1,20,000 टन रेडियोधर्मी कचरे के समुद्र के बढ़ते जलस्तर के कारण बाहर आने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है।
1977 में बने इस 377 फीट व्यास वाले कंक्रीट ढांचे के नीचे प्लूटोनियम-239 जैसे विषैले आइसोटोप मौजूद हैं, जिनकी हाफ-लाइफ 24,000 वर्षों से अधिक है।
वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि गुंबद का निचला हिस्सा सील नहीं है, जिससे समुद्र का पानी कचरे के बीच से बह रहा है और अमेरिका व मार्शल आइलैंड्स के बीच विवाद बढ़ गया है।