
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में नीट यूजी परीक्षा को जेईई की तर्ज पर दो चरणों में आयोजित करने और कंप्यूटर आधारित मोड अपनाने का प्रस्ताव दिया है।
नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता वाली हाई पावर्ड टास्क फोर्स इन बदलावों की व्यवहार्यता का अध्ययन करेगी, क्योंकि वर्तमान में 22 लाख से अधिक छात्र पेन-पेपर मोड में परीक्षा देते हैं।
अंतिम निर्णय स्वास्थ्य मंत्रालय और राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के साथ विस्तृत चर्चा के बाद लिया जाएगा, ताकि पेपर लीक जैसी घटनाओं को भविष्य में रोका जा सके।