ईरान के पास वर्तमान में 440 किलोग्राम 60% संवर्धित यूरेनियम मौजूद है, जो विशेषज्ञों के अनुसार लगभग 10 परमाणु हथियार बनाने के लिए पर्याप्त हो सकता है।
अमेरिका और इजरायल के हमलों के बावजूद ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव बनाने की अपनी क्षमता को बरकरार रखे हुए है।
जून में हुए युद्ध विराम समझौते के बावजूद, ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के रुख से परमाणु हथियार विकसित करने की आशंकाएं बनी हुई हैं।