सेबी द्वारा लागू किए गए सख्त नियमों के कारण वित्त वर्ष 2026 में रिटेल निवेशकों का F&O ट्रेडिंग में नुकसान 18% घटकर ₹91,685 करोड़ रह गया है।
पिछले आंकड़ों की तुलना में प्रति निवेशक औसत नुकसान में कमी आई है, जो बाजार नियामक की सुरक्षात्मक नीतियों का परिणाम माना जा रहा है।
सेबी अब ऑप्शंस एक्सपायरी और मार्जिन नियमों को और अधिक पारदर्शी बनाने पर विचार कर रहा है ताकि छोटे निवेशकों को बड़े जोखिम से बचाया जा सके।