
झारखंड में हेपेटाइटिस बी की पॉजिटिविटी दर 3.36 प्रतिशत से घटकर 1.58 प्रतिशत हो गई है, लेकिन हेपेटाइटिस सी के मामले 0.14 से बढ़कर 0.64 प्रतिशत हो गए हैं।
सरकार ने 2030 तक हेपेटाइटिस उन्मूलन का लक्ष्य रखा है और राज्य के सभी पांच प्रमंडलों में वायरल लोड जांच के लिए ट्रूनेट मशीनें उपलब्ध कराई जा रही हैं।
हेपेटाइटिस सी के 99 प्रतिशत मामलों का इलाज संभव है, लेकिन शुरुआती लक्षण न दिखने के कारण कई बार बीमारी का पता तब चलता है जब लीवर को गंभीर नुकसान हो चुका होता है।