
सावन के महीने में कांवरियों की भारी भीड़ के बावजूद शराब की दुकानें खुली रहने से स्थानीय लोगों में नाराजगी है।
दुकानों पर शराब की बिक्री में इजाफा देखा गया है, जिसे लेकर धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाया जा रहा है।
स्थानीय प्रशासन ने अभी तक इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है, जिससे क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है।