स्वास्थ्य विभाग ने निर्देश जारी किए हैं कि अब हर गर्भवती महिला की पहली तिमाही में एचआईवी, सिफलिस और हेपेटाइटिस-बी की जांच अनिवार्य होगी।
इस पहल का उद्देश्य जच्चा-बच्चा को गंभीर बीमारियों से बचाना और समय पर उपचार सुनिश्चित करना है।
सभी सरकारी अस्पतालों को इन परीक्षणों के लिए आवश्यक किट और संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।