ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल की आवाजाही लगभग ठप हो गई है।
खाड़ी देश अब अपनी निर्भरता कम करने के लिए अरबों डॉलर की नई पाइपलाइन परियोजनाओं पर काम कर रहे हैं।
होर्मुज से रोजाना करीब 9 मिलियन बैरल तेल गुजरता है, जिसकी आपूर्ति बाधित होने से वैश्विक कीमतों में अस्थिरता है।