
न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. कुणाल बहरानी के अनुसार, खराब जीवनशैली, तनाव और हाई ब्लड प्रेशर के कारण 30-40 वर्ष के युवाओं में स्ट्रोक के मामले बढ़ रहे हैं।
देर रात तक जागना, व्यायाम की कमी और धूम्रपान जैसी आदतें रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाती हैं, जिससे कम उम्र में स्ट्रोक का जोखिम बढ़ जाता है।
चेहरे का टेढ़ा होना, बोलने में कठिनाई या हाथ-पैर में कमजोरी महसूस होने पर तुरंत अस्पताल पहुंचना जरूरी है, क्योंकि हर मिनट मस्तिष्क के लिए महत्वपूर्ण है।