
अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने सितंबर के पहले हफ्ते में भारतीय बाजार से 7,443 करोड़ रुपये निकाले।
जुलाई में 20,200 करोड़ और अगस्त में 30,919 करोड़ रुपये निवेश करने के बाद FPI का मूड अचानक बिगड़ा है, जिससे 2026 में कुल निकासी 2.32 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।
एक्सपर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और डॉलर की मजबूती के चलते विदेशी निवेशक बिकवाली कर रहे हैं, जो देश में महंगाई का जोखिम बढ़ा सकता है।