
रक्षा अधिग्रहण परिषद ने सोमवार को भारतीय सेना, नौसेना और वायु सेना के लिए 1.10 लाख करोड़ रुपये के रक्षा खरीद प्रस्तावों को औपचारिक रूप से मंजूरी दे दी है।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस बड़े रक्षा सौदे का लगभग 98% हिस्सा भारतीय उद्योगों से ही खरीदा जाएगा, जिससे घरेलू रक्षा विनिर्माण क्षेत्र को काफी मजबूती मिलेगी।
इन मंजूरियों के साथ ही तीनों सेनाओं की परिचालन क्षमताओं को आधुनिक बनाने और आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत स्वदेशी हथियारों की उपलब्धता बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।