केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत के अपतटीय क्षेत्रों में तेल और गैस की खोज के लिए 84,084 करोड़ रुपये की 'समुद्र मंथन' योजना को मंजूरी दी है।
यह राष्ट्रीय अपतटीय अन्वेषण योजना समुद्र की गहराई में संसाधनों का पता लगाने के लिए अत्याधुनिक तकनीक और बुनियादी ढांचे के विकास पर केंद्रित है।
इस पहल का उद्देश्य भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना और आयात पर निर्भरता को कम करना है, जिससे भविष्य में ईंधन कीमतों में स्थिरता आएगी।