लोकसभा ने पेपर लीक रोकने के लिए एक कड़ा कानून पारित किया है, जिसमें दोषियों के लिए 7 साल की सजा का प्रावधान है।
इस कानून के तहत 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है, जिसका उद्देश्य भर्ती परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखना है।
विपक्ष के विरोध और वॉकआउट के बावजूद यह विधेयक पारित हुआ, जो सरकार की परीक्षा प्रणाली में सुधार की प्रतिबद्धता दर्शाता है।