सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के बीच हुए नए 'मक्का रक्षा समझौते' ने भारत की सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है, क्योंकि इसमें लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों के कनेक्शन की आशंका है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह 'सुन्नी नाटो' जैसा गठबंधन शिया ईरान के प्रभाव को कम करने के लिए बनाया गया है, लेकिन इसका सीधा असर भारत की क्षेत्रीय सुरक्षा और कूटनीति पर पड़ सकता है।
भारत सरकार ने इस समझौते पर आधिकारिक प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि वह इस गठजोड़ की हर गतिविधि पर बारीकी से नजर रख रही है और अपनी रक्षा तैयारियों को अपडेट कर रही है।