
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों को बिना मंजूरी या अप्रमाणित बीमारियों के लिए स्टेम सेल थेरेपी देने पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए नियमों का उल्लंघन करने वाले डॉक्टरों और संस्थानों पर कार्रवाई की बात कही है।
वर्तमान में देश में केवल वयस्कों के लिए 18 और बच्चों के लिए 14 विशिष्ट बीमारियों हेतु ही इसकी अनुमति है।