
सितंबर इक्विनॉक्स (शरद विषुव) की घटना पृथ्वी की वार्षिक सूर्य परिक्रमा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, जो उत्तरी गोलार्ध में पतझड़ और दक्षिणी गोलार्ध में वसंत की शुरुआत का संकेत देता है।
इस दिन पृथ्वी की धुरी न तो सूर्य की ओर झुकी होती है और न ही उससे दूर, जिससे सूर्य की किरणें भूमध्य रेखा पर सीधी पड़ती हैं और दोनों गोलार्धों को लगभग समान प्रकाश मिलता है।
वायुमंडलीय अपवर्तन और सूर्योदय-सूर्यास्त की पारंपरिक परिभाषा के कारण दिन और रात ठीक 12-12 घंटे के नहीं होते, बल्कि दिन का प्रकाश थोड़ा अधिक रहता है।