
जॉर्जिया जैसे देशों से एमबीबीएस की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) के अलग-अलग बयानों से भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है।
एनएमसी के नियमों के अनुसार भारत में प्रैक्टिस के लिए विदेशी डिग्री धारकों को संबंधित देश में स्वतंत्र प्रैक्टिस का लाइसेंस मिलना अनिवार्य है।
कानूनी विशेषज्ञों ने छात्रों को एजेंटों के झांसे से बचने की सलाह देते हुए मंत्रालय से विदेशी यूनिवर्सिटी की स्पष्ट सूची जारी करने की मांग की है।