
डॉक्टरों के अनुसार डेंगू में बुखार कम होना बीमारी के ठीक होने का संकेत नहीं है, क्योंकि बीमारी के तीसरे से सातवें दिन के बीच स्थिति गंभीर होने का सबसे अधिक खतरा होता है।
बुखार उतरने के दौरान शरीर से तरल पदार्थ कम होने से रक्तचाप गिर सकता है, जो मरीज के लिए जानलेवा साबित हो सकता है।
विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि बुखार कम होने के बाद भी मरीज को लगातार निगरानी में रखना चाहिए और किसी भी गंभीर लक्षण को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।